टेस्ट मैच का ढाँचा और बुनियादी नियम
टेस्ट क्रिकेट में दो टीमें अधिकतम पाँच दिन खेलती हैं और प्रत्येक टीम को दो पारियाँ मिलती हैं। एक पारी तब समाप्त होती है जब दस विकेट गिर जाएँ। मैच का नतीजा रन के अंतर, पारी के अंतर या विकेट से तय होता है — या फिर ड्रॉ भी हो सकता है। डीआरएस यानी डिसीजन रिव्यू सिस्टम से अंपायर के फैसले की
समीक्षा होती है, जिसमें हॉक-आई और अल्ट्राएज तकनीक काम आती है। फॉलो-ऑन तब लागू होता है जब पहली पारी में एक टीम दूसरी से कम से कम दो सौ रन पीछे हो। भारतीय क्रिकेट टीम ने इस प्रारूप में कई ऐतिहासिक मुकाबले खेले हैं जो आज भी चर्चा में रहते हैं।